आदि उसे बहुत ध्यान से देख रहे थे, उनकी अनुभवी नज़रें कुछ भी नहीं छोड़ रही थीं। उन्होंने देखा कि कैसे स्वीटी के होंठ हल्के से खुले हुए हैं, कैसे उसके गले की नस तेज़ धड़क रही है, और कैसे उसके कूल्हे खुद - ब - खुद उसके अपने हाथ की ओर एक लय में उठ रहे हैं। "यस... बिल्कुल ऐसे ही," आदि ने फुसफुसाया । उन्होंने अपना ध्यान अब दूसरे ब्रेस्ट की ओर लगाया और वहां भी वही धीमा और गहरा जादू शुरू कर दिया । वे कभी बड़े प्यार से चूसते, तो कभी अपनी पकड़ बढ़ा देते, और फिर वापस कोमलता पर आ जाते ।



Write a comment ...